Sunday, June 12, 2016

दिलचस्प कहानी : कैसे हुआ कौए का रंग काला

कौवे के रंग के बारे में एक पुरानी किवदंती है। एक ऋषि ने कौए को अमृत खोजने भेजा, लेकिन उन्होंने यह इत्तला भी दी कि सिर्फ अमृत की जानकारी ही लेना है, उसे पीना नहीं है।


एक बरस के परिश्रम के पश्चात सफेद कौए को अमृत की जानकारी मिली, पीने की लालसा कौआ रोक नहीं पाया एवं अमृत पी लिया। ऋषि को आकर सारी जानकारी दी।

इस पर ऋषि आवेश में आ गए और श्राप दिया कि तुमने मेरे वचन को भंग कर अपवित्र चोंच द्वारा पवित्र अमृत को भ्रष्ट किया है। इसलिए प्राणी मात्र में तुम्हें घृणास्पद पक्षी माना जाएगा एवं अशुभ पक्षी की तरह मानव जाति हमेशा तुम्हारी निंदा करेगी, लेकिन चूंकि तुमने अमृत पान किया है, इसलिए तुम्हारी स्वाभाविक मृत्यु कभी नहीं होगी। कोई बीमारी भी नहीं होगी एवं वृद्धावस्था भी नहीं आएगी।

भाद्रपद के महीने के 16 दिन तुम्हें पितरों का प्रतीक समझ कर आदर दिया जाएगा एवं तुम्हारी मृत्यु आकस्मिक रूप से ही होगी।

इतना बोलकर ऋषि ने अपने कमंडल के काले पानी में उसे डूबो दिया। काले रंग का बनकर कौआ उड़ गया तभी से कौए काले हो गए।

अकबर-बीरबल की आधुनिक कथा..

हाल ही की बात है। अकबर-बीरबल सभा में बैठकर आपस में बात कर रहे थे।

अकबर : मुझे इस राज्य से पांच मूर्ख ढूंढकर दिखाओ...!

बीरबल ने खोज शुरू की।


एक महीने बाद वापस आए सिर्फ 2 लोगों के साथ।

अकबर ने कहा- मैंने पांच मूर्ख लाने के लिए कहा था!

बीरबल ने कहा- हुजूर लाया हूं। पेश करने का मौका दिया जाए।

आदेश मिल गया।

बीरबल ने कहा- हुजूर यह पहला मूर्ख है। मैंने इसे बैलगाड़ी पर बैठकर भी बैग सर पर ढोते हुए देखा और पूछने पर जवाब मिला कि कहीं बैल के ऊपर ज्यादा लोड न हो जाए इसलिए बैग सिर पर ढो रहा हूं।
 
इस हिसाब से यह पहला मूर्ख है!

दूसरा मूर्ख यह दूसरा आदमी है, जो आपके सामने खड़ा है। मैंने देखा इसके घर के ऊपर छत पर घास निकली थी। यह अपनी भैंस को छत पर ले जाकर घास खिला रहा था। मैंने देखा और पूछा तो जवाब मिला कि घास छत पर जम जाती है तो भैंस को ऊपर ले जाकर घास खिला देता हूं। हुजूर जो आदमी अपने पतरे की छत पर जमी घास को काटकर फेंक नहीं सकता और भैंस को उस पतरे पर ले जाकर घास खिलाए तो उससे बड़ा मूर्ख और कौन हो सकता है?
 
बीरबल ने आगे कहा- जहांपनाह, अपने राज्य में इतना काम है। पूरी नीति मुझे संभालना है फिर भी मैंने मूर्खों को ढूंढने में एक महीना बर्बाद किया इसलिए तीसरा मूर्ख मैं ही हूं।
 
जहांपनाह, पूरे राज्य की जिम्मेदारी आपके ऊपर है। दिमाग वालों से सारा काम होने वाला है। मूर्खों से कुछ होने वाला नहीं है, फिर भी आप मूर्खों को ढूंढ रहे हैं इसलिए चौथे मूर्ख जहांपनाह आप हुए।
 
बीरबल : जहांपनाह मैं बताना चाहता हूं।
 
ऑफिस में बहुत काम है। दुनियाभर के काम-धाम को छोड़कर, घर-परिवार को छोड़कर, बीवी-बच्चों पर ध्यान न देकर WhatsApp और फेसबुक पर जो लगा है और पांचवां मूर्ख ढूंढने व जानने में जिसने अपना समय बर्बाद किया, मेरे हिसाब से पांचवां मूर्ख वही है।

Santa Banta Jokes

संता-बंता दोनों गर्मी में बाइक से जा रहे थे।
संता - वो देख स्कूटी वाली लड़की। बंता - यार लड़की तो अच्छी है। संता - लेकिन ये लड़कियां अपना चेहरा स्कार्फ से क्यों ढके रहती है। बंता - धत तेरे की साले इतना भी नहीं पता। संता - नहीं। बंता - अबे जो लड़की सुबह ब्रश नहीं करती वो दिन भर चेहरा स्कार्फ से ढककर घूमती है।
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संता- यार जब तुम्हें गर्मी लगती है तो क्या करते हो। बंता- तब हम एसी के सामने बैठ जाते हैं। संता- और जब बहुत ज्यादा गर्मी हो तो क्या करते हो? बंता- जब ज्यादा गर्मी पड़ती हैं तो फिर एसी को ऑन कर देते हैं। 
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संता - यह सदाचार क्या होता है? बंता - जैसे आम का अचार होता है, वैसे सादा आचार होता है!

Wednesday, June 8, 2016

Badi Kahawatein, Chhote log

अगर आपने अपनी शट॔ का पहला बटन गलत लगाया है तो निसंदेह बाकी सभी बटन गलत ही लगेंगे
– घनश्याम टेलर

जरूरी नही है हर बात म. गांधी या शेक्सपीयर ने कही हो ।।।

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अगर आपकी राह में छोटे छोटे पत्थर आये तो समझ लेना…

रोड का काम चल रहा हे ।।।

– भंवरलाल ठेकेदार

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जिंदगी में सिर्फ पाना ही सबकुछ नहीं होता,

उसके साथ नट बोल्ट भी चाहिए….

– महादेव मिस्त्री

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“अगर बसंती की मौसी, ठाकुर को राखी बांधे तो बसंती और ठाकुर का क्या रिश्ता हुआ ?.

अपना-अपना काम करो कोई रिश्ता नहीं बनता; क्योंकि ठाकुर के हाथ ही नहीं थे.”

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तुम मुझे खून दो…
मैं तुम्हे ३ बजे तक रिपोर्ट दूंगा.. ‘

– गुप्ता पैथोलॉजी

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यहाँ खुदा है, वहाँ खुदा है
आस पास खुदा ही खुदा है
जहाँ खुदा नहीं है, वहाँ कल खुदेगा

– नगरपालिका

12th Class ka Prashn-Patra aur Jawaab

12वीं’ कक्षा का प्रश्न-पत्र

प्रश्न : प्यार क्या है ? विस्तार से बताइये ! (20 अंक)

उत्तर : अमरीकी विद्यार्थी :
प्यार ‘दर्द’ को कहते हैं
(परीक्षा परिणाम: अंक 5 /20)

उत्तर : इंग्लैंड का विद्यार्थी :
प्यार ‘ज़िन्दगी’ को कहते हैं
(परीक्षा परिणाम: अंक 5/20)

उत्तर : UAE का विद्यार्थी :
प्यार ‘खुदा’ को कहते हैं
(परीक्षा परिणाम: अंक 5/20)

उत्तर : भारतीय विद्यार्थी :
प्यार की परिभाषा :
‘प्यार’ के द्वारा एक महिला और पुरुष के मध्य, उपजे प्रेम-सम्बन्ध से दिल की गंभीर बीमारी हो जाती है। और अगर ये प्रेम परवान ना चढ़े तो दोनों में से किसी एक की मृत्यु भी हो जाती है।

प्यार के प्रकार :
1) एक तरफ़ा प्यार।
2) दो तरफ़ा प्यार।

आयु :
आमतौर पर यह 15 से 25 की उम्र के बीच होता है।
लेकिन
आजकल यह किसी भी उम्र में हो जाता है।

लक्षण :
1) अनिद्रा।
2) दिन में सपने देखना।
3) फेसबुक, व्हाटसएप के बिना एक-एक पल दूभर हो जाना।
4) फ़ोन की लत।

मूल कारण/मूल्यांकन:
1) फोन पे चेटींग,
2) तस्वीरों
और
3) मोबाईल द्वारा ज्यादा फैलता है।

इलाज :
1) पिता के जूते द्वारा एंटी लव चिकित्सा
और
2) माँ की चप्पल की अंधाधुंध मार ||
परीक्षा परिणाम: (अंक 20/20 बहुत बढ़िया।)
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नोट –
भारतीय छात्रों से कुछ भी पूछो,
‘पूर्ण-अंक’ पाने के लिए वे किसी भी बात
को बढ़ा-चढ़ा कर लिख सकते है