Tuesday, May 31, 2016

Kids Jokes

Ek chhota bachcha bus ki khidki
se susu kr rha tha..
Ek aurat boli : sharm nhi ati tujhe??
ladka : Arrey aunty sharm chhodo…
su su dekho kitna dur tk ja rha hai..
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Beta: Papa apki shaadi ho gayi?
Papa: Haan…
Beta: Kis se hui?
Papa: Bewkuf teri mummy se..

Beta: Wahhh papa ghar me hi setting kar li.
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Baap: Beta koi bat nai tumhari qismat mai Fail hona hi likha tha
.

Beta: Jee Papa, yai tu acha howa mai ne pura saal parha nai warna sari mehnat zaya hojati
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Na waqt hai etna ke syllabus pora kia jaye
Na tarkeeb hai koi ke exam pas kia jaye
.
Na jane konsa dard dia hai es parhayi ne

Na soya jaye owr na roya jaye

Best Pappu Jokes

परीक्षा के पेपर में आया था कि रिक्तस्थान भरो (चाहेँ भरते-भरते दिमाग रिक्त हो जाये)—।।
नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली …., …,चली।
पप्पू ने भरा- नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली टेढी-मेढी चली।
मास्टर साहब बोले- तू पगला गया है क्या ?
नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को जाती है।
पप्पू – देखो मास्टर साहब पहली बात यह है कि हम बिल्ली को हज पर क्यों भेजेँ?
नौ सौ चूहे खाकर तो बिल्ली से हिला भी न जायेँ ।
ये बिल्ली है, कोई नेता थोडे न है कि जो कितना भी खाये, चलते ही जाये।।
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परिवार की परम्परा!
अध्यापक: पप्पू तुम बहुत ज्यादा बोलते हो।
पप्पू: ये हमारी खानदानी परम्परा है।
अध्यापक: क्या मतलब है तुम्हारा?
पप्पू: सर, मेरे दादा जी एक फेरीवाले थे, और मेरे पिताजी एक अध्यापक।
अध्यापक: और अपनी माँ के बारे में बताओ?

पप्पू: सर वो एक औरत हैं
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mahila train se utri,
usne Pappu se puchha: yeh koun sa station hai?
Pappu hasaa,
zor se hasaa,
zor zor se hasaa,
haste haste lot pot ho gaya,
aur badi mushkil se sambhalte huye bola
Pagli,

Ye Railway station hai…

??
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एक दिन पप्पु ने अपनी माँ से पुछा कि, “माँ मैं कैसे पैदा हुआ..??”
माँ :- मैने एक बर्तन मे मिट्टी डाल के रख दी, कुछ दिन बाद उसमें से तुम मुझे मिले,,
पप्पु ने भी ऐसा ही करने कि सोची उसने एक बर्तन लिया और उसमे मिट्टी डालकर रख दिया,,
कुछ दिन बाद पप्पु ने बर्तन के पास जाकर देखा तो उसमे से एक मेंढक निकला,,

पप्पु(गुस्से मे) :- ” साले दिल तो करता है कि तुझे गोली मार दुँ, पर क्या करुँ औलाद है तु मेरी”

Baap Beta Jokes

पिता : ओ बेवकूफ़।
मैंने तुमको गीता दी थी पढ़ने के लिए क्या तुमने गीता पढ़ी ? कुछ। दिमाग मे घुसा।
पुत्र : हाँ पिताजी पढ़ ली।
और
अब
आप।
मरने के लिए तैयार हो जाओ ( कनपटी पर तमंचा रख देता है ) ।
पिता : बेटा ये क्या कर रहे हो ? मैं तुम्हारा बाप हूँ ।
पुत्र: पिताजी , ना कोई किसी का बाप है और ना कोई किसी का बेटा । ऐसा गीता में लिखा है ।
पिता : बेटा मैं मर जाऊंगा ।
पुत्र : पिताजी शरीर मरता है ।
आत्मा कभी नही मरती!
आत्मा अजर है, अमर है ।
पिता : बेटा मजाक मत करो गोली चल जाएगी और मुझको दर्द से तड़पाकर मार देगी ।
पुत्र : क्यों व्यर्थ चिंता करते हो ? किससे तुम डरते हो ।
गीता में लिखा है-
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि,
नैनं दहति पावकः
आत्मा को ना पानी भिगो सकता है और ना ही तलवार काट सकती, ना ही आग जला सकती ।
किसलिए डरते हो तुम ।
पिता : बेटा! अपने भाई बहनों के बारे में तो सोच, अपनी माता के बारे में भी सोच ।
पुत्र : इस दुनिया में कोई
किसी का नही होता ।
संसार के सारे रिश्ते स्वार्थों पर टिके है ।
ये भी गीता में ही लिखा है ।
पिता : बेटा मुझको मारने से तुझे क्या मिलेगा ?
बेटा : अगर इस धर्मयुद्ध में आप मारे गए तो आपको स्वर्ग प्राप्ति होगी ।
मुझको आपकी संपत्ति प्राप्त
होगी ।
पिता : बेटा ऐसा जुर्म मत कर ।
पुत्र : पिताजी आप चिंता ना करें।
जिस प्रकार आत्मा पुराने जर्जर शरीर को त्यागकर नया शरीर धारण करती है, उसी प्रकार आप भी पुराने जर्जर शरीर को त्यागकर नया शरीर धारण करने की तयारी करें ।
अलविदा ।
Moral-
कलयुग की औलादों को सतयुग, त्रेतायुग या द्वापर युग की शिक्षा नहीं दे.

Santa Bamta jokes

Santa underwear lene dukaan per gya.Dukaandar ne usey 300 rupay ka underwear dikhaya..
Paise sun ker Santa Bola : Yaar roj pahnne wala dikhao, Partywear nahi Chahiye..
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Jagjit Sigh Gaa Rhe the : Yeh Daulat bhi le lo, Yeh Sohrat bhi le lo….Santa Utha : Main toh bahot Pareshan hu, Meri Toh Aurat bhi le lo..
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Santa Bus me khada tha.. Break lagi toh ek ladki per jaa gira; Ladki: Batameez, Kya kar rhe ho?? Santa : Engineering aur aap??
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Teacher : A B C sunaao.. Santa: A B C
 Teacher : Aur Sunaao.. Santa : Aur sab badhiya, Aap sunaao!!
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Santa : Tera bhai aajkal kya kar rha hai?? Banta : Ek dukaan kholi thi, per ab jeil mein hai!!
Santa : Woh q?? Banta: Dukaan hathodi se kholi thi!!

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Santa : Yr kal meri shadi hai.. Or ladki walo ne kam se kam logo ko bulaya hai
mujhe tension ho rahi hai…
banta : Are to ismai tension wali kya bat hai???
Santa : Yar pata nahi..! papa mujhe lekar jayenge ya nahi…

Akbar Birbal Jokes

एक बार राजदरबार में बैठे बादशाह अकबर ने कागज पर पैंसिल से एक लंबी लकीर खींची।
फिर बीरबल को अपने पास बुलाया और कहा- कुछ ऐसा करो कि न तो यह लकीर घटाई जाए और न ही मिटाई जाए लेकिन छोटी हो जाए?
‍बीरबल ने फौरन बादशाह के हुक्म की तामिल की और उस लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पहली से बड़ी खींच दी।
बीरबल ने कहा- अब आपकी लकीर मेरी लकीर से छोटी हो गई।
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Akbar : Birbal koi aisa tarika batao ki main khau peeu or mera roza na tute.

Birbal : Huzur logo se laate khao or gussa pee jao sab kuch tutega magar roza nahi tutega.
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Akbar to Birbal: Kuch aisa likho jise khushi me padho to gam ho… aur gam me padho to khushi ho.
Birbal ne likha:
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Ye Waqt Guzar Jayega

Monday, May 30, 2016

Funny Hathi aur Fridge Jokes

शरारती बच्चा: मास्टरजी एक सवाल पूछें
मास्टर जी: हाँ हाँ पूछो।
बच्चा: हाथी को फ्रीज में कैसे रखेंगे?

मास्टरजी: बेवकूफ, हाथी फ्रीज में नहीं जा सकता है ।
बच्चा:
मास्टरजी फ्रीज बहुत बड़ा है,
पहले फ्रीज खोलेंगे और हाथी को अंदर डाल देंगे

बच्चा: एक सवाल और पूछूँ ।
मास्टरजी: हाँ हाँ पूछो ?
बच्चा: गधे को फ्रीज में कैसे रखेंगे ?
मास्टरजी: पहले फ्रीज खोलेंगे और गधे को उस में रख देंगे ।
बच्चा:
गलत जवाब,
पहले हाथी को बाहर करेंगे
फिर गधे को फ्रीज में रखेंगे

बच्चा: एक सवाल और पूछूँ?
मास्टरजी: हाँ हाँ पूछो ।
बच्चा:
बंदर के जन्मदिन की पार्टी में सभी जानवर एवं जीव-जन्तु आए
परन्तु एक जानवर नहीं आया ।
उसका नाम बतलायें ?

मास्टरजी : शेर नहीं आया होगा क्योंकि वह आता तो सभी को खा जाता !
बच्चा :
फिर गलत जवाब,
गधा पार्टी में नहीं आया
क्योंकि गधे को तो हमने फ्रीज में बंद कर दिया था

बच्चा: एक सवाल और पूछूँ ?
मास्टरजी: (गुस्से से) बोल हरामजादे ।

बच्चा: रास्ते में एक नदी है
जिसमें एक खतरनाक मगरमच्छ रहता है एवं
उस नदी के ऊपर आने-जाने के लिए पुल भी नहीं है,
आप नदी कैसे पार करोगे ?
मास्टरजी: मैं नाव लेकर नदी पार करूंगा !

बच्चा: फिर गलत जवाब ।
मास्टर: बोल, कैसे ?
बच्चा: मास्टरजी इतनी जल्दी नाव कहाँ से आपको मिलेगी,
तबतक तो आप नदी तैरकर भी पार कर लोगे ।

मास्टर: मगरमच्छ से तेरा बाप बचाएगा ?
बच्चा:
मास्टरजी! आपकी इतनी फटती क्यों है?
आपको तो पता है कि सभी जीव-जानवर
बंदर की Birthday पार्टी में गए हुए हैं
तो मगरमच्छ नदी में कैसे आ जाएगा 😀 😛

मास्टरजी बेहोश हो गए

Funny teacher Jokes

एक बार प्राइमरी स्कूल में मास्टर जी गहरी नींद मे सो रहे थे

तभी कलेक्टर साहब आ गये
मास्टर जी पकडे गये
बहुत देर उठाने के बाद तब
मास्टर की नींद खुली और बोले

बच्चों कुंभकर्ण ऐसे सोता है
इसे कहते है गतिविधि आधारित शिक्षण…!

कलक्टर साहब सन्न….

मास्टर से बचकर रहना रे ….
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एक क्लास में एक लड़की को सब बुआ-बुआ कहते थे…..✔

एक दिन इस की शिकायत ऊसने अपने टीचर से कर दी……

टीचर ने सब लडको से पूछा ….

जो लड़के इस को बुआ कहते है वो सभी खडे हो जाए…….

एक लड़के को छोड के सभी खडे हो गये…..

टीचर ने पुछा……क्या तुम इस को बुआ नहीं कहते हो …


लड़का बोला…… सर मु तो फूफाजी हूँ……..
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क्या अजीब संयोग है..
स्कूल में हाजिरी लेते लेते अचानक कलम रुक गयी.
लड़की का नाम था “परिधि व्यास”

मैने कहा:
क्या खूब “ज्यामितीय” नाम है !
बेटी… तुम्हारे पापा का नाम…..?

वो बोली : जी….”आधार” चंद्र व्यास ।

और मम्मी…..?

वो बोली : जी…..”त्रिज्या” व्यास ।

और भाई….?
वो बोली : जी “कर्ण” व्यास ।

फिर तो परिवार में “रेखा” और “बिंदु” भी होंगी ?


वो शरमाकर बोली, जी “दोनों” बुआजी हैं मेरी !

Best Sardar Jokes

ईक सरदार तलाब में गिर गया।

डूबते-डूबते उसके हाथ में एक मछली आ गई।

सरदार ने उसे पकड़ कर बाहर फेंका और

बोला : तू तो कम से कम अपनी जान बचा ले।
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एक बुजुर्ग अपनी पुरानी मारुति से जा रहे थे..
कि एक BMW को ज़रा सी खरोंच लग गयी।

BMW में से चार लम्बे चौड़े सरदार निकले
और वृद्ध व्यक्ति की पिटाई की नौबत आ गयी।

तभी बुजुर्ग ने कहा कि आप चार हैं
और मैं अकेला, ये तो ना-इंसाफी है

उन चारों सरदारों में जो सबसे बड़ा था,
वो बोला, सुरजिते और अमार्जिते तुम अंकल की तरफ हो जाओ।

बुजुर्ग बोला, “पर हम तो तीन हैं और आप दो ”

तो उन मे से सुरजिते बोला:
कोई बात नहीं अंकल जी आप घर जाओ, इन दोनो से हम निपट !
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ट्रेन में वार्निंग लिखी थी…

बिना टिकिट सफर करने वाले यात्री होशियार!

सरदारजी इतनी लाइन पढ़ कर बिफर गये:
वाहजी ये कोई बात हुई बिना टिकिट सफर करने वाला होशियार,
हमने टिकिट लिया तो हम बेवकूफ़ :-X
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बॉस – आपकी शादी हो गयी?
सरदार – हाँ जी, १ लड़की से हुई है,

बॉस – शादी तो लड़कीसे ही होती है,

सरदार – ना जी मेरी बहन कि तो लड़के से हुई थी !!!

Funny Rajasthani Doctor Joke

एक राजस्थान के लड़के को जॉब नही मिली
तो उसने क्लिनिक खोला और बाहर लिखा…

“तीन सौ रूपये मे ईलाज करवाये
ईलाज नही हुआ तो एक हजार रूपये वापिस!”

एक पंडित ने सोचा कि एक हजार रूपये कमाने का अच्छा मौका है
वो क्लिनिक पर गया और बोला:
मुझे किसी भी चीज का स्वाद नही आता ।

लड़का:
बॉक्स नं. २२ से दवा निकालो
और ३ बूँद पिलाओ
नर्स ने पिला दी !!

पंडित: ये तो पेट्रोल है ।

लड़का:
मुबारक हो आपको टेस्ट महसूस हो गया
लाओ तीन सौ रूपये!!

पंडित को गुस्सा आ गया…
कुछ दिन बाद फिर वापिस गया
पुराने पैसे वसूलने

पंडित: साहब मेरी याददास्त कमजोर हो गई है

लड़का:
बॉक्स नं. २२ से दवा निकालो
और ३ बूँद पिलाओ

पंडित: लेकिन वो दवा तो जुबान की टेस्ट के लिए है

लड़का:
ये लो तुम्हारी याददास्त भी वापस आ गई
लाओ तीन सौ रुपए।

इस बार पंडित गुस्से में गया…
-मेरी नजर कम हो गई है!

लड़का:
इसकी दवाई मेरे पास नहीं है।
लो एक हजार रुपये।

पंडित: यह तो पांच सौ का नोट है।

राजस्थानी लड़का:

आ गई नजर।
ला तीन सौ रुपये।

Mast Funny Jokes

एक बार फौजी घर छुटटी आया ।

उसने घर आकर एक भैस खरीद ली।
फौजी जब भी भैस को खोलता तो हर बार फौजी के हाथ से छूटकर भाग जाती ।
एक दिन फोजी ने भैस को बहुत मारा ।

फौजी की पत्नी बोली इतना मत मारो नही तो यह दूध नही देगी ।

फौजी बोला – साला मुझे दूध नही चाहिऐ… Discipline चाहिऐ – Discipline.!!
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स्वीट इन्सल्ट -‘-
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एक छोटी बच्ची ने दरवाजा खोला
और बाहर अपनी भैया की गर्ल फ्रेंड
को देख कर बोली
.
.
आप रोज मेरे भैया से मिलने आती हो,
आपका खुद का भैया नही है क्या ?
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अब तो हद हो गयी है

ये अफवाह…
कौन फैला रहा है की…

अँक्टिवा के साइलेंसर पे
बीबी का नाम लिखने से..

बुलेट की आवाज आती है!!!!
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अभी यह अफवा कौन फैला रहा की…

रामदेव बाबा ही बचपन के मोगली है।
इसीलिए उन्हें जंगल की इतनी औशधि की जानकारी है


Funny Santa Joke

जेलर: तुम्हे कल सुबह 5 बजे फांसी दी जाएगी!

संता सरदार: हाहाहाहाहा

जेलर: क्या हुआ, हंस क्यों रहे हो?

संता सरदार: मैं तो उठता ही सुबह 9 बजे हूँ.. 😀
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संता:
पंडित जी, मेरी शादी नहीं हो रही है..
कोई उपाय बताओ।

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पंडित जी:

सबसे पहले, बड़ो से ‘सदा सुखी रहो’ के आशीर्वाद लेना बंद करो
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बंता:
यार ये रामदेव बाबा वाला नूडल्स खरीदा है,
इनको खाना कैसे है ?

संता:
एक नाक बंद करके दूसरी नाक से अंदर खींचना हैं
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डॉक्टर: अच्छे स्वास्थ्य के लिए रोजाना व्यायाम किया करो

संता: जी मैं रोजाना क्रिकेट और फुटबाल खेलता हूँ!

डॉक्टर: कितनी देर खेलते हो?

संता: जब तक मोबाइल की बैटरी खत्म नहीं हो जाती!

Thursday, May 26, 2016

Santa to Inspector

सांता पर 100 बारातियों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें कुचलने का इल्ज़ाम था… पुलिस में पकड़े जाने पर इनस्पेक्टर ने वजह पूछी.. सांता:- सर गाड़ी के ब्रेक फेल थे और सड़क के एक तरफ एक आदमी था और दूसरी तरफ बराती…. इनस्पेक्टर:- तो तुम्हें उस आदमी पर गाड़ी चढ़ानी चाहिए थी…. सांता:- मैं क्या करता जब मैं उस आदमी पर गाड़ी चढ़ा रहा था वो भाग कर बारात में घुस गया… इनस्पेक्टर बेहोश.

मोटरसाइकिल तेज स्पीड में

संता बंता मोटरसाइकिल तेज स्पीड में चला रहे थे,

पुलिस वाला – गाड़ी रोक

संता – क्या हुआ साहब ?

पुलिस वाला – इतनी तेज गाड़ी चलाता है
एक्सीडेंट हो गया तो ?

संता – कोई बात नहीं, भगवान हमारे साथ है

पुलिस वाला –
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ओ तेरी इसका मतलब 3 आदमी एक बाइक पे
चालान काटो साले का :) :)

Akbar Birbal Jokes

अकबर – आज हम बहुत खुश हैं, सारे कैदियों को रिहा कर दिया जाये, जेल से एक बूढ़ा भी निकल के आया, अकबर – तुम तो बहुत बूढ़े हो, कब से यहां बंद हो ? बूढ़ा कैदी – हुजूर आपके पिताजी के ज़माने से कैद हूँ, अकबर रोते हुए बोला – इसको फिर से कैद में डाल दो, ये हमारे बापू की आखिरी निशानी है -
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एक बार संता को अकबर के सैनिकों ने पकड़ लिया और दरबार में लेके गये..

अकबर- कौन हो तुम??

संता- महाराज मैं सांता हूँ..

अकबर- इतनी रात को हमारे महल में क्या कर रहे थे??

संता- कुछ..कुछ नहीं महाराज(घबराते हुए)

अकबर- सैनिकों, इसे ले जाओ और बंदी बना दो..

संता- महाराज रहम करो, मुझे बंदी मत बनाओ मुझे बंदा ही रहने

Wednesday, May 25, 2016

अकबर-बीरबल का रोचक किस्सा : मूर्खों से मिली बुद्धि..


सम्राट अकबर कभी जरूरत से, कभी मनोरंजन के लिए बीरबल से कठिन प्रश्न करता।

एक दिन बादशाह ने पूछा- 'तुम्हें तीक्ष्ण बुद्धि कहां से मिली?'

बीरबल- 'जहांपनाह, यह मुझे मूर्खों से मिली है!'



प्रश्न जितना सरल, उत्तर उतना ही ज्यादा उलझन और चक्कर में डालने वाला, हैरान करने वाला! मूर्ख के पास तो बुद्धि होती ही नहीं, बुद्धि होती तो वे मूर्ख क्यों कहलाते। और जो चीज जिसके पास में नहीं है, उसे वे कैसे दूसरे को दे सकते हैं? अत: अकबर से रहा नहीं गया। 

बादशाह अकबर ने पूछा- 'मूर्खों से?'

बीरबल- 'हां! मूर्खों से।' जिस आचरण और व्यवहार के कारण आदमी मूर्ख कहलाता है, मैं उनसे बचता रहा। इससे मेरा बुद्धिमान बनने का रास्ता साफ होता गया।' 

अकबर-बीरबल के रोचक किस्से : चौथ का चांद...

अकबर-बीरबल निकले यात्रा पर ईरान, रुके वह वहां के नवाब के बनकर मेहमान। दो दिन रूके वह दोनों, खूब हुई खातिरदारी, फिर आई वापिस लौटने की बारी। नवाब ने बीरबल को जान चतुर सुजान, किया एक टेढ़ा-सा सवाल। 

उन्होंने पूछा- 'मेरे एक सवाल का जवाब दोगे? अपने शहंशाह और मेरी तारीफ एक साथ कैसे करोगे?' 

बीरबल थोड़ा सोच में पड़ गए, फिर उनकी अकल के ताले खुल गए।

बीरबल ने दिया जवाब, 'आप दोनों ही चांद हैं जनाब। मेरे शहंशाह हैं चौथ का चांद तो आप हैं पूरा चांद!' 

जवाब सुनकर ईरान के नवाब बेहद खुश हो गए, लेकिन अकबर उस समय कुछ न बोले गुमसुम हो गए। रास्ते भर अकबर रहे बीरबल से बेहद खफा, उन्हें समझ में नहीं आ रहा था उसका फलसफा। 

अकबर की नाराजी को बीरबल ताड़ गए, क्यों हैं शहंशाह खफा, कारण भी जान गए। 

बोले- 'महाराज आप कुछ सोच रहे हैं, मन ही मन मुझे कोस रहे हैं। पर मैं बताता हूं आपको सच, आपकी तरक्की के बारे में ही सोचता हूं मैं बस। उनको कहा मैंने पूरा चांद, जो धीर-धीरे घटने लगता है श्रीमान। पर आपको बताया चौथ का चांद जो हर रात बढ़ता है और बढ़ता है जिसका मान। आप तो बढ़ते ही जाएंगे और जगह-जगह अपना मकाम बनाएंगे। अब कहिए तो सही, मैंने कौन-सी गलत बात कही?'

बीरबल की बात सुनकर अकबर मुस्कुरा दिए, एक बार फिर बीरबल की अक्ल का लोहा मान गए।

Tuesday, May 24, 2016

WhatsApp Group ke wafadaar member

कौन बनेगा करोडपती में मुझसे 5 करोड का सवाल पुछा गया…
कि “वो कौन सा group है,…

जिसका Admin साल में एक ही बार नहाता है ?”

कसम से मैने 5 करोड को ठोकर मार दी,.
पर हमारे group का नाम नही बताया ।

WhatsApp Group Admin ke karnaame

( ग्रुप एडमिन को समर्पित )

नाम -:
ग्रुप एडमिन

हॉबी -:
बन्दूक से निकली गोली को हाँथ से पकड़ना और शेर के दाँत तोड़कर जमा करना।

रेकॉर्ड -:
एक बार जिराफ की गर्दन में गाँठ लगा दी थी।

Embarrassing मूमेंट -:
एक बार एक ही घूँसे में 100 हाँथियों को नहीं मार पाए। सिफ 99 ही मरे।

पागलपन -:
एक बार सुनामी में तैरने निकल गए।

Achievement -:
ज्वालामुखी के लावे पर स्केटिंग की।

खुद पर गर्व् -:
जब इन्हें देख 40 फुट लम्बा अजगर भाग गया।

एडमिन के अब तक के पराक्रम…….

१)विवाह भोज में दो बार भोजन करना।

२)दूसरों की बरात में नाचना। परिचित हों अथवा ना हों।

३)चुनाव के समय दो पार्टियों से पैसे लेकर तीसरे को वोट देना।

४)बच्चों की क्रिकेट टीम का कैप्टन बनना।

५)जब कहीं केक काटा जा रहा हो तो सबसे सामने खड़ा रहना।

६)एडमिन पद से इस्तीफा देने की सिर्फ धमकी देना।

Mahakanjoos Aadmi – Mast Hindi Chutkula

एक आदमी महा कंजूस था।

उसने एक शीशी में घी भर कर उसका मुँह बंद किया हुआ था।
जब वह और उसके बेटे खाना खाते तब शीशी को रोटी से रगड़ कर खाना खा लेते थे।

एक बार महा कंजूस किसी काम से बाहर चला गया।

लौटने पर उसने बेटों से पूछा: खाना खा लिया था।
बेटे बोले: हाँ।

महा कंजूस: पर शीशी तो मैं अलमारी में बंद करके गया था।
बेटे बोले: हमने अलमारी के हैंडल से रोटियाँ रगड़ कर खा लीं।

महा कंजूस नाराज हो कर बोला:
नालायकों, क्या तुम लोग एक दिन बिना घी के खाना नहीं खा सकते थेे।

बेटे बेहोश! 😀 😛

Wednesday, May 18, 2016

भगवान राम के लिए मीडिया सवाल (FUNNY STORY IN HINDI)

मान लीजिएं रामजी ने आज के युग में सीताजी को बचाने संघर्ष किया होता तो उनके साथ क्या होता? आज जहां एक अच्छे इंसान को भलाई के लिए सूली पर चढा देने का रिवाज है क्या वहां रामजी अपना कार्य पूरा कर पाते?

अगर रामजी ने कलयुग में रावण पर आक्रमण किए होते तो उनसे मीडिया किस तरह के सवाल करते:

आपने अपनी टीम के महत्वपूर्ण घटक श्री हनुमान को लंका में सीता की खोज करने तथा संदेश देने के उद्देश्य से भेजा था, परन्तु उन्होंने वहां जाकर आग लगा दी… क्या इससे यह साफ नहीं हो जाता कि आपकी टीम में अंदरूनी तौर पर वैचारिक मतभेद हैं…?
क्या श्री हनुमान के विरुद्ध अशोक वाटिका उजाड़ने के आरोप में वनविभाग द्वारा मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए…?
आपके एक अन्य सहयोगी श्री सुग्रीव पर अपने भाई महाबली बालि का राज्य हड़पने का आरोप है… क्या आपने इसकी जांच करवाई…?
क्या यह सच नहीं है कि बालि का राज्य हड़पने की श्री सुग्रीव की साजिश के मास्टरमाइंड आप स्वयं हैं…?
आप 14 साल तक वनवास में रहे… क्या आप स्पष्ट रूप से बता सकेंगे कि आपको वहां अपने खर्चे चलाने के लिए फंड कहां से मिलते रहे…?
क्या आपने किसी स्वतंत्र एजेंसी से उस फंड का ऑडिट करवाया है…?
क्या आप बताएंगे कि आपने सिर्फ रावण पर हमला क्यों किया, जबकि अन्य अनेक देशों में भी राक्षस शासनारूढ़ थे… क्या यह लंका की सरकार को निजी कारणों से अस्थिर करने की साजिश नहीं थी…?
क्या यह सच नहीं है कि रावण को परेशान करने के मकसद से आपने उनके परिवार के निर्दोष लोगों, जैसे कुम्भकर्ण, पर हमला किया…?
क्या आपकी टीम के श्री हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी की जगह पूरा पहाड उखाड़ लेना सरकारी जमीन के साथ छेड़छाड़ नहीं… क्या आप इसे वन संपदा के साथ भी खिलवाड़ नहीं मानेंगे…?
क्या यह सच नहीं कि आपने रावण पर आक्रमण करने से पहले समुद्र पर लंका तक बनाए गए पुल का ठेका नल और नील को अपने करीबी होने के कारण दिया…?
बताया गया है कि आपने पुल बनाने के लिए छोटी-छोटी गिलहरियों से भी काम करवाया… क्या इसके लिए आपके विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम तथा बालश्रम कानून के तहत मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए…?
आपने बिना किसी पद पर रहते हुए युद्ध के समय देवराज इन्द्र से राजकीय सहायताप्राप्त की और उनका रथ लेकर रावण पर हमला किया… क्या इससे आप इन्द्र की ‘टीम ए’ सिद्ध नहीं होते…?
क्या इस सहायता के बदले आपने इन्द्र से यह वादा नहीं किया कि अयोध्या का राजा बनने के बाद आप उन्हें अयोध्या के आसपास की जमीन दे देंगे…?
स्वर्ग की दूरी अयोध्या की तुलना में कई गुणा अधिक है, परन्तु युद्ध के दौरान आपने अयोध्या से रथ न मंगवाकर इन्द्र से रथ मंगवाया… क्या यह निर्णय इन्द्र की कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं किया गया…?
जाम्बवंत द्वारा युद्ध में आपको दी गई सहायता और परामर्श के बदले क्या आपने उन्हें राष्ट्रपति बनाने का वादा नहीं किया…?
क्या विभीषण को अपनी टीम में शामिल करके आपने दल-बदल कानून का सरासर उल्लंघन नहीं किया…?
और आखिरी सवाल, आपने भरत को राजा बनाया… क्या आपको अपनी नेतृत्व क्षमता पर संदेह था…?

Very Funny Short Story In Hindi

एक बार एक आदमी रोड से जा रहा था उसके पास गाड़ी के कागजात नही थे।,
तो एक पुलिस वाले ने रोक दिया। तो उसने कहा सर आपको जो लेना हो ले लें लेकिन आगे जाकर फिर कुछ न देना पड़े। पुलिस वाले ने कहा की ठीक है अगर आगे कोई पुलिस वाला रोके तो कहना ”तोता”
वो आदमी आगे गया। उसे एक पुलिस वाले ने रोका और कागजात के बारे में पूछा तो उसने कहा ”तोता” पुलिस वाले ने कहा ठीक है जाओ।
दुसरे दिन जब वो किसी और रोड से निकल रहा था तो फिर एक पुलिस वाले ने रोक लिया। तो उसने सोचा की कल तोता कहकर छुट गया था,आज भी कह दो। तो उसने कहा ”तोता” पुलिस वाले ने कहा ”गाड़ी साइड में लगा दो आज ”कौवा” है। ”

Monday, May 16, 2016

मन के लड्डू खाने वाला |आलसी सदैव सपनों की दुनियां में ही जीता है,

आलसी सदैव सपनों की दुनियां में ही जीता है। ऐसे ही एक गांव में रहने वाले पति-पत्नी दिन में सपने देखा करते थे और अपने बुने सपनों में इस कदर खो जाते थे कि आस-पडोस के सभी लोग उनका तमाशा देखा करते थे।

एक दिन पति ने कहा- मेरे पास कुछ रुपये होते तो मैं एक दुधारू गाय खरीदता। पत्नी बोली- गाय घर में हो तो उसके दुध के लिए हण्डीयां भी जरूरी होनी चाहिए। अगले दिन वह कुम्हार के यहां से पांच हण्डीयां ले आयी। पति ने पुछा क्यों खरीद लायी ? ओह! ये कुछ हण्डीयां, एक दुध के लिए, एक छाछ के लिए, एक मख्खन के लिए, और एक घीं के लिए। बहुत खुब और पाचंवी का क्या करोगी?

पत्नी ने कहा- इसमें अपनी बहन को थोडा दुध भेजूंगी। क्या? अपनी बहन को दुध भेजेगी ? ऐसा कब से चल रहा है ? मुझसे पुछा तक नहीं ? पति गुस्से से चिल्लाया और सारी हण्डीयां तोड दी। पत्नी ने पलट कर जवाब दिया- मैं गायों की देखभाल करती हूं, उन्हें धोती हूं, बचे हुए दुध का क्या करू ? यह मेरी मर्जी। निकम्मी स्त्री मैं दिनभर हाडतोड मेहनत करके गाय खरीदता हूं और तू उसका दुध अपनी बहन को देती हैं मैं तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा।

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पति गुर्राया और पत्नी पर बर्तन-भांडे फेंकने लगा। आखिर उनके पडोसी से रहा नहीं गया। वह उनके घर गया और भोलेपन से पूछा क्या बात है ? बर्तन भांडे क्यों फेंके जा रहे है। ? ससुरी अपनी बहन को हमारी गाय का दुध भिजवाती है।

पडोसी  – तुम्हारी गाय ?
हाँ! पैसों का जुगाड होते ही मैं एक गाय खरीदने वाला हूं।

पडोसी ने कहा- अच्छा वह गाय पर अभी तो तुम्हारें पास कोई गाय नही है या है ?
पडोसी ने कहा- कुछ ही दिनों की बात है, मैं गाय जरूर लाउंगा।

ओह! यह बात हैं अब मुझे पता चला कि मेरी सब्जीयों की बाडी कौन बर्बाद करता है ? कहते हुए पडोसी ने एक लाठी उठाई और उसे मारने के लिए लपका।
ठहरो, ठहरों मुझे क्यो मारते हो ? तुम्हारी गाय मेरे मटर और खीरे खा गयी, तुम उसे बांधते क्यों नही?
कैसे मटर? कैसे खीरे ? तुम्हारी सब्जीयों की बाडी है कहाँ ?
वही जिसकी मैं बुवाई करने वाला हूं। मैं महीनों से उसके बारे में सोच रहा हूं। तुम्हारी गाय उसे तहस-नहस कर जाती है।
पति, पत्नी को उनकी हरकतों का सही जवाब देने वाला मिल गया था। उसके बाद उन्होने कभी दिन में सपने नहीं देखे।

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सूर्य रोज पूर्व दिशा में ही क्यों उगता हैं, अकबर बीरबल की अनोखी नोकझोंक

एक बार बीरबल को दरबार में आने में देर हो गई | जब वह आए तो अकबर ने उनसे पूछा बीरबल ! आज आने में तुम्हें देर कैसे हुई ? हम कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं | हमें तुमसे एक खास सवाल करना है |”
बीरबल ने कहा, जहाँपनाह ! रोज-रोज आप ही मुझसे सवाल पूछते हैं, यह तो बड़ा ही अन्याय है | आज मुझे आपसे एक सवाल पूछना है | यदि आप अनुमति दें, तो में आपसे प्रश्न पूंछू ? 
“ठीक है, आज तुम हमसे प्रश्न पूछो | हम तुम्हें जवाब देंगे |
“जहाँपनाह ! सूर्य रोज पूर्व दिशा में ही क्यों उगता हैं ? बीरबल ने पुछा |
“अरे यह भी कोई प्रश्न है ? किसी मुर्ख को भी इस प्रश्न का जवाब मालूम होगा ?”
बीरबल को उनसे ऐसे ही जवाब की अपेक्षा थी | तुरंत ही उन्होंने सर झुकाकर कहा, “श्रीमान, इसीलिए तो मेंने आपसे यह प्रश्न पुछा |”
बादशाह पहले तो कुछ समझे नहीं, पर दरबारियों को खामोश बैठे देख वह सब समझ गए | वह ठठाकर हंस पड़े | फिर दरबारी भी खिलखिलाकर हंसने लगे | बीरबल के जाल में बादशाह पूरी तरह फंस गए थे | बात को हंसकर टालने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं था |

ये तो नदियों का गांव हैं

बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—‘‘हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।’’

बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—‘‘क्यों भई, इस गांव में सब ठीकठाक तो है न ?’’

उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—‘‘हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है।’’

तुम्हारा नाम क्या है ? बादशाह ने पूछा।

गंगा।

तुम्हारे पिता का नाम ?

जमुना और मां का नाम सरस्वती है ?

हुजूर, नर्मदा।

यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला—हुजूर तुरन्त पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।

यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सके।

सबसे मुश्किल काम

एक दिन बीरबल दरबार में देर से पहुँचे। अकबर ने पूछा क्या बात है ? बीरबल आज देर से क्यों आये? बीरबल ने कहा- जहांपनाह, आज मुझे बच्चों को संभालना पडा। बादशाह को यह सुनकर बहुत आश्चर्य हुआ, बोले यह भी कोई काम हुआ? जहांपनाह बच्चों को संभालने का काम सबसे कठिन है। जब यह काम सिर पर आ पडता है तो कोई भी काम समय पर नहीं हो पाता।

बादशाह बाले- बीरबल बच्चों को बहलाना तो सबसे आसान काम है, उनके हाथ में कोई खाने की चीज दे दो, या कोई खिलोना थमा दो बस काम बन गया।

बीरबल ने कहा- बादषाह सलामत आपको इसका अनुभव नहीं है इसलिए आपको यह काम आसान लगता है। जब आप प्रत्यक्ष अनुभव करेंगे तो आपको मेरी बात समझ में आ जायेगी। चलिए मैं छोटे बच्चे का अभिनय करता हूं और आप मुझे बहला कर देखिए।

बादशाह तुरन्त राजी हो गये।  बीरबल छोटे बच्चे की तरह रोने लगे। अब्बा मुझे दुध चाहिए, बादशाह ने फोरन दुध मंगवा लिया । दुध पीने के बाद बीरबल ने कहा अब मुझे गन्ना चुसना है। बादशाह ने गन्ना मंगवाया और उसके छोटे-छोटे टुकडे करवा लिये, मगर बीरबल ने उसे छुआ तक नहीं वह रोता ही रहा।

रोते-रोते वह बोला अब्बा मुझे पूरा गन्न चाहिए। बीरबल का रोना जारी रहा। बादशाह ने हारकर दुसरा गन्ना मंगवाया। मगर बच्चा बने बीरबल रोते-रोते बोले यह गन्ना मुझे नहीं चाहिए, मुझे तो पहले वाला ही पूरा गन्ना चाहिए। यह सुनकर बादशाह झल्ला उठे, उन्होनें कहा बकवास मत कर चुपचाप चुस ले। कटा हुआ गन्ना अब पुरा कैसे हो सकता है ?

नही मैं तो पहले वाला गन्ना हीे लूंगा। बादशाह यह सुनकर क्रोधित हो उठे। अरे है कोई यहां ? इस बच्चे को यहां से ले जाओ। बीरबल हंस पडे। बादशाह को स्वीकार करना पडा कि बच्चों को संभालना वास्तव में बहुत मुष्किल काम है।

Sunday, May 15, 2016

Struggles of our Life

father-daughter


Once upon a time a daughter complained to her father that her life was miserable and that she didn’t know how she was going to make it. She was tired of fighting and struggling all the time. It seemed just as one problem was solved, another one soon followed. Her father, a chef, took her to the kitchen. He filled three pots with water and placed each on a high fire.
Once the three pots began to boil, he placed potatoes in one pot, eggs in the second pot and ground coffee beans in the third pot. He then let them sit and boil, without saying a word to his daughter. The daughter, moaned and impatiently waited, wondering what he was doing. After twenty minutes he turned off the burners. He took the potatoes out of the pot and placed them in a bowl. He pulled the eggs out and placed them in a bowl. He then ladled the coffee out and placed it in a cup.
Turning to her, he asked. “Daughter, what do you see?” “Potatoes, eggs and coffee,” she hastily replied.
“Look closer”, he said, “and touch the potatoes.” She did and noted that they were soft.
He then asked her to take an egg and break it. After pulling off the shell, she observed the hard-boiled egg.
Finally, he asked her to sip the coffee. Its rich aroma brought a smile to her face.
“Father, what does this mean?” she asked.
He then explained that the potatoes, the eggs and coffee beans had each faced the same adversity-the boiling water. However, each one reacted differently. The potato went in strong, hard and unrelenting, but in boiling water, it became soft and weak. The egg was fragile, with the thin outer shell protecting its liquid interior until it was put in the boiling water. Then the inside of the egg became hard. However, the ground coffee beans were unique. After they were exposed to the boiling water, they changed the water and created something new.
“Which one are you?” he asked his daughter. “When adversity knocks on your door, how do you respond? Are you a potato, an egg, or a coffee bean?”

The Bear and The Two Friends

bear and friends

Once two friends were walking through the forest. They knew that anything dangerous can happen to them at any time in the forest. So they promised each other that they would remain united in any case of danger.

Suddenly, they saw a large bear approaching them. One of the friends at once climbed a nearby tree. But the other one did not know how to climb. So being led by his common sense, he lay down on the ground breathless, pretending to be a dead man.

The bear came near the man lying on the ground. It smelt in his ears, and slowly left the place. Because the bears do not touch the dead creatures.Now the friend on the tree came down and asked his friend on the ground, “Friend, what did the bear tell you into your ears?” The other friend replied, “The bear advised me not to believe a false friend.”


Helping Others

boy

Once there was a small boy named Shankar. He belonged to a poor family.  One day, he was crossing through the forest carrying some woods. He saw an old man who was very hungry.  Shankar wanted to give him some food, but he did not have food for his own.  So he continued on his way.  On his way he saw a deer who was very thirsty.  He wanted to give him some water, but he did not have water for himself.  So he went on his way ahead.  Then he saw a man who wanted to make a camp but he did not have woods.  Shankar asked his problem and gave some woods to him.  In return, he gave him some food and water.  Now he went back to the old man and gave him some food and gave some water to the deer. The old man and the deer were very happy.  Shankar than happily went on his way.

However, one day Shankar fell down the hill.  He was in pain but he couldn’t move and no one was there to help him.  But, the old man who he had helped before saw him, he quickly came and pulled him up the hill.  He had many wounds on his legs.  The deer whom shankar had gave water saw his wounds and quickly went to forest and brought some herbs.  After sometime his wounds were covered.  All were very happy that they were able to help each other.

The Rabbit and the Turtle

Rabbit-Turtle

One day a rabbit was boasting about how fast he could run. He was laughing at the turtle for being so slow. Much to the rabbit’s surprise, the turtle challenged him to a race. The rabbit thought this was a good joke and accepted the challenge. The fox was to be the umpire of the race. As the race began, the rabbit raced way ahead of the turtle, just like everyone thought.

The rabbit got to the halfway point and could not see the turtle anywhere. He was hot and tired and decided to stop and take a short nap. Even if the turtle passed him, he would be able to race to the finish line ahead of him. All this time the turtle kept walking step by step by step. He never quit no matter how hot or tired he got. He just kept going.

However, the rabbit slept longer than he had thought and woke up. He could not see the turtle anywhere! He went at full-speed to the finish line but found the turtle there waiting for him.

Thursday, May 12, 2016

शेखचिल्ली और दुबली पतली घोड़ी

शेखचिल्ली की बीवी जब काफी दिनों बाद भी अपने ससुराल नहीं लोटी तो एक दिन
शेखजी स्वयं अपनी बीवी को लेने उसके मायके पहुंचे | कुछ दिन वहां ठहरने
के बाद वे अपनी बीवी के साथ वापस अपने घर के लिए चल पड़े | आते समय शेखजी
एक दुबली-पतली घोड़ी पर सवार थे और उनकी बेगम पैदल चल रहीं थी |
“कैसा मूर्ख आदमी है, औरत तो पैदल चल रही है और स्वयं मजे से घोड़ी पर
बैठा है, औरत |” मार्ग में एक राहगीर ने उन्हें देखते हुए कहा |
“बेगम! में उत्तर जाता हूँ, तुम बैठ जाओ |” शेखजी ने अपनी बीवी से कहा |
बेगम साहिब पैदल चलते-चलते थक गई थी, सो झट से घोड़ी पर बैठ गई |

अब शेखजी पैदल चल रहे थे | कुछ दूर का सफर तय करने पर उन्हें 
कुछ महिलाये मिलीं जो कुए पर पानी भर रहीं थी | 
उन्होंने शेखजी को देखकर कहा- “कैसा मूर्ख आदमी है, जो खुद तो पैदल चल रहा है 
और….औरत को भी तो शर्म नहीं आती |” शेखजी ने जब ये बात सुनी तो स्वयं भी घोड़ी पर सवार हो गए | अब कमजोर घोड़ी मियां-बीवी के बोझ से दबी जा रही थी और एकदम चलने को तैयार नहीं थी, पर
शेखजी उस पर बराबर चाबुक बरसा रहे थे | आगे चलकर उन्हें कुछ राहगीर मिले,
उन्होंने शेखजी को देखकर कहा–“कैसा मूर्ख आदमी है, इतना वजन इस कमजोर
घोड़ी पर तो वह चलेगी कैसे और ऊपर से इसे चाबुक से मार रहा है, इसे
बिलकुल भी दया नहीं आती |”

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“बेगम ! निचे उतारो, दुनिया वाले बिलकुल मूर्ख हैं | यह सुनकर शेखजी बोले |
अब दोनों घोड़ी से उतरकर पैदल चलने लगे |
आगे चलकर फिर कुछ लोग मिले | उन्होंने शेखजी को देखकर कहा—“केसा मूर्ख
है की पैदल चल रहा है, जबकि घोड़ी साथ है |”
शेखजी यह सुनकर एकदम भड़क गए और घोड़ी को गिराकर उसके पाँव बांधकर कंधे पर
उठाकर चल दिए | 
थोड़ी दूर पर कुछ और लोग मिले तथा शेखजी को देखकर हँसते
हुए कहने लगे–“देखो मूर्ख है-मूर्ख है |” यह सुनकर शेखजी को बड़ा गुस्सा
आया | उन्होंने घोड़ी को एक दरिया में फेंक दिया और घर लोट आए |
  लोगों का काम है कहना, तुम अच्छा करो या बुरा उन्हें तो बस तुम्हारे मजे लेने है, तुमसे मतलब निकलवाना है |

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नौकरी की shekh chilli short funny story in hindiतलाष मे भटकते-भटकते एक दिन shekh chilli षहर आ पहूंचा, सौभाग्य से shekh chilli को शहर में काम मिल गया। एक दिन shekh ji के मालिक ने उसे मनी आर्डर फार्म और कुछ रूपये दिये और कहा कि इन्हें मनीआर्डर कर आओ।

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मालिक की बात सुन shekh ji मन ही-मन सोचने लगे कि तार से रुपये किस प्रकार जायेंगे ? उसने डाकघर में पहूंचकर तारबाबु से पुछा तो तार बाबु ने कहा क्यों नहीं चले जाते है।  एक दिन शेख जी को वेतन मिला तो उन्हें याद आया कि उनकी बेगम ने चलते समय कहा था कि चमेली का तेल भेज देना।

उन्होंने उसी समय चमेली के तेल की षिषी खरीदी ओर तार घर पहूंच कर कहा- इसे तार से भेज दिजिए। जल्दी पहूंच जायेगी।  तार बाबु समझ गया कि यह कोई बेवकुफ आदमी है। उसने उससे तेल की शीशी लेकर रख ली और दिन शेख जी वहां से चले आये। कुछ समय बाद घर से चिठ्ठी आई कि तेल की शीशी अभी तक नहीं आयी। क्या कारण है ?

क्योंजी जल्दी के कारण तो मैने शीशी तार से भेजी थी और वह अब तक मेरे यहां नही पहूंची ? षेखजी ने थोडा झल्ला कर तारबाबु से पुछा बात यह हैं कि जब तुम्हारी शीशी तार से जा रही थी, तब किसी ने उधर से डंडा तार से भेज दिया था। तुम्हारी शीशी उस डंडे से टकराकर टुट गई।

अब तुम ही बताओ मै क्या कर सकता हू? बाबू ने उत्तर दिया हां भाई इसमे तुम्हारा क्या दोष है? यदि मुझे वह डंडा भेजने वाला मिल जाये तो उसका सिर फोड दूं। यह कहकर वहंा से शेख जी चले आये। 

Wednesday, May 11, 2016

भारत का नया राष्ट्रगीत

आओ बच्चों तुम्हे दिखायें,
शैतानी शैतान की।

नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की।

बड़े-बड़े नेता शामिल हैं,
घोटालों की थाली में।

सूटकेश भर के चलते हैं,
अपने यहाँ दलाली में।

देश-धर्म की नहीं है चिंता,
चिन्ता निज सन्तान की।

नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की।

चोर-लुटेरे भी अब देखो,
सांसद और विधायक हैं।

सुरा-सुन्दरी के प्रेमी ये, 
सचमुच के खलनायक हैं।

भिखमंगों में गिनती कर दी,
भारत देश महान की।

नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की।

जनता के आवंटित धन को,
आधा मन्त्री खाते हैं।

बाकी में अफसर-ठेकेदार,
मिलकर मौज उड़ाते हैं।

लूट-खसोट मचा रखी है,
सरकारी अनुदान की।

नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की।

थर्ड क्लास अफसर बन जाता,
फर्स्ट क्लास चपरासी है।
v होशियार बच्चों के मन में,
छायी आज उदासी है।

गंवार सारे मंत्री बन गये,
मेधावी आज खलासी है।

आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
शैतानी शैतान की।

नेताओं से बहुत दुखी है,
जनता हिन्दुस्तान की।